SEBI प्रमुख ने बाजार हेरफेर से निपटने और निवेशकों की सुरक्षा के लिए AI-आधारित पहलों की घोषणा की
SEBI धोखाधड़ी और हेरफेर की पहचान करने के लिए Artificial Intelligence (AI) का उपयोग करके बाजार निगरानी को बढ़ा रहा है। प्रमुख पहलों में 'SEBI Check' शामिल है, जो निवेशकों के लिए पंजीकृत मध्यस्थों को सत्यापित करने का एक उपकरण है, और कई भाषाओं में AI-संचालित शैक्षिक उपकरण हैं। नियामक अवास्तविक रिटर्न का वादा करने वाले 'finfluencers' पर नकेल कस रहा है और कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार को गहरा करने पर काम कर रहा है। इसके अतिरिक्त, SEBI विशेष कार्य समूहों के माध्यम से कृषि-वस्तु (agri-commodities) बाजारों के कायाकल्प की खोज कर रहा है। मुख्य आर्थिक सलाहकार V. Anantha Nageswaran के तहत एक समिति नीति-लेखन को अधिक वैज्ञानिक और डेटा-संचालित बनाने के लिए नियमों के प्रभाव का भी अध्ययन कर रही है।
मुख्य बिंदु
- SEBI बाजार निगरानी बढ़ाने और धोखाधड़ी करने वाले ब्रोकरों या व्यापारियों की पहचान करने के लिए AI को एकीकृत कर रहा है।
- 'SEBI Check' उपकरण निवेशकों को निवेश करने से पहले वित्तीय मध्यस्थों की साख को सत्यापित करने की अनुमति देता है।
- नियामक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपंजीकृत निवेश सलाहकारों और 'finfluencers' के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है।
- कृषि के कमोडिटी पक्ष की समस्याओं के समाधान के लिए दो कार्य समूह बनाए गए हैं।
- मुख्य आर्थिक सलाहकार V. Anantha Nageswaran के नेतृत्व में एक समिति बाजार विज्ञान पर नियमों के प्रभाव का अध्ययन कर रही है।
परीक्षा तथ्य
- SEBI (Securities and Exchange Board of India) भारत में प्रतिभूति बाजार का वैधानिक नियामक है।
- 'SEBI Check' उपकरण निवेशक सुरक्षा और सत्यापन के लिए एक नई पहल है।
- V. Anantha Nageswaran भारत के वर्तमान मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) हैं।
पढ़ें। याद रखें। याद करें।
स्पेस्ड-रिपीटिशन फ्लैशकार्ड, दैनिक क्विज़ और ऑफ़लाइन एक्सेस पाएं — एंड्रॉइड पर मुफ़्त।