हिंद महासागर और हिंद-प्रशांत में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भारत और U.S. की नौसेनाओं ने सहयोग मजबूत किया
U.S. Pacific Fleet के कमांडर एडमिरल Stephen T. Koehler ने हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) और हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) में संप्रभुता की रक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने में भारतीय और U.S. नौसेनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। विशाखापत्तनम में International Fleet Review (IFR) और MILAN-2026 में बोलते हुए, उन्होंने मालाबार, मिलन और RIMPAC जैसे संयुक्त अभ्यासों के माध्यम से बढ़ते परिचालन सहयोग पर प्रकाश डाला। दोनों नौसेनाएं P-8I विमान और MH-60R हेलीकॉप्टर जैसे समान प्लेटफॉर्म संचालित करती हैं, जिससे अंतर-संचालनीयता (interoperability) बढ़ती है। एडमिरल ने उल्लेख किया कि इन महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में नेविगेशन की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए भारत की नौसैनिक क्षमताएं केंद्रीय हैं।
मुख्य बिंदु
- U.S. और भारतीय नौसेनाएं विभिन्न समुद्री चुनौतियों के खिलाफ एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत को बनाए रखने के लिए सहयोग बढ़ा रही हैं।
- मालाबार, मिलन और RIMPAC जैसे संयुक्त अभ्यास नौसैनिक अंतर-संचालनीयता और संयुक्त शक्ति को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
- दोनों नौसेनाएं पनडुब्बी रोधी युद्ध के लिए P-8I समुद्री गश्ती विमान और MH-60R Seahawk हेलीकॉप्टरों सहित सामान्य प्लेटफॉर्म का उपयोग करती हैं।
- विशाखापत्तनम स्थित पूर्वी नौसेना कमान (Eastern Naval Command) रणनीतिक रूप से IOR में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए स्थित है।
परीक्षा तथ्य
- एडमिरल Stephen T. Koehler U.S. Pacific Fleet के कमांडर हैं।
- MILAN-2026 और International Fleet Review (IFR) विशाखापत्तनम में आयोजित किए गए थे।
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