सामाजिक न्याय और समावेशी आर्थिक विकास के लिए Artificial Intelligence का लाभ उठाना
जैसे-जैसे भारत AI Impact Summit की मेजबानी कर रहा है, एक मानव-केंद्रित AI का आह्वान किया जा रहा है जो समावेशी सामाजिक न्याय को संचालित करे। AI से नौकरियों को केवल बदलने के बजाय उत्पादकता बढ़ाकर काम की दुनिया को बदलने की उम्मीद है। भारत का e-Shram प्लेटफॉर्म, जो 315 मिलियन से अधिक अनौपचारिक श्रमिकों का समर्थन करता है, सामाजिक सुरक्षा के लिए तकनीक का उपयोग करने का एक प्रमुख उदाहरण है। Union Budget 2026-27 ने रोजगार पर AI के प्रभाव का आकलन करने के लिए एक High-Powered Committee की घोषणा की। न्यायसंगत परिणाम सुनिश्चित करने के लिए, भारत को उच्च और निम्न-आय वाली अर्थव्यवस्थाओं के बीच AI पहुंच के अंतर को पाटने के लिए कौशल, डिजिटल बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
मुख्य बिंदु
- AI 2030 तक भारत में तीस लाख से अधिक नई तकनीक वाली नौकरियां पैदा कर सकता है, जबकि दस मिलियन मौजूदा नौकरियों को नया रूप दे सकता है।
- e-Shram प्लेटफॉर्म 315 मिलियन अनौपचारिक श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा के डिजिटल आधार के रूप में कार्य करता है।
- Global Coalition for Social Justice, जिसमें ILO शामिल है, का उद्देश्य साक्ष्य-आधारित AI नीतियों को मजबूत करना है।
- भारत का AI Mission और National Quantum Mission भविष्य के लिए तैयार तकनीकी प्रगति के लिए प्रमुख पहल हैं।
परीक्षा तथ्य
- World Day of Social Justice 20 फरवरी को मनाया जाता है।
- e-Shram प्लेटफॉर्म भारत में 315 मिलियन से अधिक अनौपचारिक श्रमिकों को कवर करता है।
- Union Budget 2026-27 ने एक High-Powered 'Education to Employment and Enterprise' Committee का प्रस्ताव दिया।
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