Union Budget 2026-27 ने मिशन-लिंक्ड विज्ञान परियोजनाओं को बढ़ावा दिया, जबकि मुख्य अनुसंधान वित्तपोषण अंतराल बना हुआ है

Union Budget 2026-27 बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर और कार्बन कैप्चर में 'मिशन-मोड' पहलों पर जोर देता है, लेकिन शोधकर्ता स्थिर मुख्य वित्तपोषण (core funding) पर चिंता व्यक्त करते हैं। जबकि 'Biopharma SHAKTI' कार्यक्रम को पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ मिले, Department of Science and Technology (DST) और Department of Biotechnology (DBT) ने पिछले वर्षों में मूल बजट आवंटन से कम संशोधित अनुमान देखे हैं। विशेषज्ञों का तर्क है कि जहां बड़े मिशन प्रभावशाली दिखते हैं, वहीं बुनियादी अनुसंधान, राज्य विश्वविद्यालय और मुख्य संस्थान वित्तपोषण की कमी और प्रशासनिक देरी का सामना करते हैं। भारत का R&D व्यय GDP के 0.64-0.7% पर कम बना हुआ है, जो वैश्विक समकक्षों से काफी पीछे है।

मुख्य बिंदु

  • 'Biopharma SHAKTI' कार्यक्रम गैर-संचारी रोगों और बायोसिमिलर पर केंद्रित एक प्रमुख नई पहल है।
  • DST और DBT के लिए मुख्य वित्तपोषण को संशोधित अनुमानों में कटौती का सामना करना पड़ा है, जिससे दीर्घकालिक बुनियादी अनुसंधान प्रभावित हुआ है।
  • बजट बुनियादी वैज्ञानिक जांच के बजाय अंतरिक्ष और सेमीकंडक्टर जैसे व्यावहारिक क्षेत्रों को प्राथमिकता देता है।
  • GDP के प्रतिशत के रूप में भारत का R&D खर्च वर्षों से स्थिर बना हुआ है, जो वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में बाधा डाल रहा है।

परीक्षा तथ्य

  • R&D व्यय: GDP का 0.64-0.7%।
  • नया कार्यक्रम: Biopharma SHAKTI (5 वर्षों में ₹10,000 करोड़)।
  • Anusandhan National Research Foundation (ANRF) अनुसंधान वित्तपोषण के लिए नया निकाय है।

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