भारत के रक्षा बजट का विश्लेषण: आधुनिकीकरण, R&D अंतराल और खरीद चुनौतियां

भारत के नए रक्षा बजट में महत्वपूर्ण उछाल देखा गया है, जो GDP के 2% तक पहुंच गया है। जबकि पूंजीगत व्यय (capital expenditure) राजस्व बजट से आगे निकल गया है, आधुनिकीकरण की धीमी गति और 'बंदूक बनाम मक्खन' (guns vs butter) की बहस को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। भारतीय वायु सेना और सेना को उपकरणों के लिए पर्याप्त वृद्धि मिली, लेकिन नौसेना की हिस्सेदारी 3% पर मामूली बनी हुई है। एक महत्वपूर्ण मुद्दा जापान जैसे देशों की तुलना में R&D में कम निवेश (GDP का 0.66%) है। लेख खरीद में नौकरशाही की देरी को ठीक करने के लिए Non-Lapsable Defence Modernisation Fund सहित प्रणालीगत बदलावों का आह्वान करता है।

मुख्य बिंदु

  • रक्षा बजट भारत के GDP के 2% तक पहुंच गया है, जो खर्च में रणनीतिक बदलाव का संकेत देता है।
  • पूंजी अधिग्रहण बजट का 75% 'Aatmanirbharta' को बढ़ावा देने के लिए घरेलू उद्योगों के लिए निर्धारित है।
  • भारत का R&D खर्च GDP का 0.66% है, जो अन्य प्रमुख वैश्विक शक्तियों की तुलना में काफी कम है।
  • लेख दीर्घकालिक परियोजनाओं के लिए निरंतर धन सुनिश्चित करने के लिए Non-Lapsable Defence Modernisation Fund की वकालत करता है।

परीक्षा तथ्य

  • GDP के % के रूप में रक्षा बजट: 2%।
  • GDP के % के रूप में R&D बजट: 0.66%।
  • घरेलू खरीद के लिए निर्धारित: पूंजी अधिग्रहण बजट का 75%।

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