बजट और Fiscal Consolidation की अनिवार्यता: Revenue और Expenditure प्रवृत्तियों का विश्लेषण
Union Budget 2026-27 ने 2047 तक 'Viksit Bharat' प्राप्त करने के लिए AI और biopharma जैसे उन्नत तकनीकी क्षेत्रों पर जोर दिया है। व्यय में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया है, जिसमें revenue expenditure 2014-15 के 88% से गिरकर 2026-27 में अनुमानित 77% होने का अनुमान है, जबकि capital expenditure की हिस्सेदारी बढ़ी है। हालांकि, tax revenues की buoyancy, विशेष रूप से GST को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं, जो GDP विकास के साथ तालमेल नहीं बिठा पाई है। 16th Finance Commission (FC16) ने divisible pool में राज्यों की हिस्सेदारी 41% पर बनाए रखी है, लेकिन revenue deficit grants को बंद करके कुल हस्तांतरण कम कर दिया है। निजी निवेश वृद्धि के लिए 3% fiscal deficit का मार्ग एक महत्वपूर्ण लक्ष्य बना हुआ है।
मुख्य बिंदु
- कुल व्यय में revenue expenditure की हिस्सेदारी एक दशक पहले के 88% से घटकर 2026-27 में 77% होने का अनुमान है।
- 16th Finance Commission (FC16) ने राज्यों को मिलने वाले vertical devolution को divisible pool का 41% बनाए रखा है।
- 2026-27 के लिए tax buoyancy 0.8 अनुमानित है, जो 1.0 के वांछित बेंचमार्क से नीचे है।
- निजी क्षेत्र के लिए पर्याप्त निवेश योग्य संसाधन सुनिश्चित करने के लिए fiscal deficit का लक्ष्य GDP का 3% बना हुआ है।
- Capital expenditure की वृद्धि पिछले वर्षों के 28.3% की तुलना में 2026-27 में घटकर 4.2% अनुमानित है।
परीक्षा तथ्य
- राज्यों की हिस्सेदारी के लिए 16th Finance Commission (FC16) की सिफारिश: 41%।
- Fiscal Responsibility and Budget Management (FRBM) Act 2018 के लक्ष्य: 40% debt-to-GDP ratio और 3% fiscal deficit।
- 2026-27 के लिए अनुमानित tax buoyancy: 0.8।
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