राष्ट्रपति मुर्मू ने संयुक्त सत्र के संबोधन में सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर दिया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद की संयुक्त बैठक को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने दलितों, पिछड़े वर्गों और जनजातीय समुदायों के लिए सामाजिक न्याय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार पर प्रकाश डाला, जो अब 2014 के 25 करोड़ की तुलना में 95 करोड़ भारतीयों तक पहुँचती हैं। मुर्मू ने अंबेडकर और गांधी जैसे नेताओं का आह्वान करते हुए इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय एकता सर्वोपरि है। उन्होंने 2047 के लिए 'Viksit Bharat' लक्ष्य और आर्थिक विकास के लिए 'Reform Express' का उल्लेख किया। भाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा का भी जिक्र किया गया, जिसमें 'Operation Sindoor' और सीमा पार आतंकी शिविरों के विनाश को आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई के प्रमाण के रूप में उद्धृत किया गया।
मुख्य बिंदु
- सामाजिक न्याय को यह सुनिश्चित करने के रूप में परिभाषित किया गया है कि प्रत्येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव के पूर्ण अधिकारों का प्रयोग करने का अवसर मिले।
- सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक 'Viksit Bharat' (विकसित भारत) प्राप्त करना है।
- सामाजिक सुरक्षा कवरेज में महत्वपूर्ण विस्तार हुआ है, जो वर्तमान में लगभग 95 करोड़ नागरिकों को कवर करता है।
- राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और एकता राष्ट्र के लिए सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं।
परीक्षा तथ्य
- 2047 तक 'Viksit Bharat' प्राप्त करने का लक्ष्य।
- भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता के संबंध में 'Operation Sindoor' का संदर्भ।
- सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2014 में 25 करोड़ से बढ़कर वर्तमान में 95 करोड़ हो गया है।
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