भारत और European Union ने लंबे समय से प्रतीक्षित Free Trade Agreement के लिए वार्ता संपन्न की

भारत और European Union ने 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान Free Trade Agreement (FTA) के लिए वार्ता संपन्न होने की घोषणा की है। 2007 में शुरू हुई इन वार्ताओं को दो दशकों में कई बाधाओं का सामना करना पड़ा, जिसमें संवेदनशील कृषि वस्तुओं के लिए बाजार पहुंच और पर्यावरणीय नियम शामिल थे। दोनों पक्षों द्वारा अनुमोदित यह समझौता अब European Parliament और 27 EU सदस्य देशों द्वारा अनुसमर्थन (ratification) से पहले 'legal scrubbing' से गुजरेगा। इस समझौते से द्विपक्षीय व्यापार को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जो पहले से ही $136 billion से अधिक है, और रणनीतिक साझेदारी को उन्नत कर इसमें रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को शामिल किया जाएगा।

मुख्य बिंदु

  • India-EU FTA के लिए वार्ता पहली बार 2007 में शुरू की गई थी और लंबे समय तक रुके रहने के बाद 2022 में फिर से शुरू की गई थी।
  • यह समझौता वस्तुओं, सेवाओं और निवेश में व्यापार को कवर करता है, जबकि उन क्षेत्रों को अलग रखा गया है जहां आम सहमति नहीं बन पाई थी।
  • EU एक एकल सीमा शुल्क ब्लॉक (single customs bloc) के रूप में कार्य करता है, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े द्विपक्षीय व्यापार सौदों में से एक बनाता है।
  • दोनों पक्षों द्वारा अपनी रणनीतिक साझेदारी को अपग्रेड कर इसमें साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोध को शामिल करने की भी उम्मीद है।

परीक्षा तथ्य

  • भारत और EU के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्तमान में $136 billion से अधिक है।
  • उपस्थित EU नेता: Ursula von der Leyen (Commission President) और Antonio Costa (Council President)।
  • 2014 और 2022 के बीच ठहराव के बाद 2022 में FTA वार्ता फिर से शुरू की गई थी।

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