2030 तक मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने में भारत की प्रगति और चुनौतियाँ

भारत ने National Framework for Malaria Elimination (2016-2030) के तहत 2030 तक मलेरिया को खत्म करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, 2015 और 2023 के बीच मलेरिया के मामलों में 80% की कमी आई है। 2024 तक, भारत WHO के 'High Burden to High Impact' समूह से बाहर निकल गया। हालांकि, चुनौतियां बनी हुई हैं, जिनमें निरंतर Plasmodium vivax संचरण, दवा प्रतिरोध (विशेष रूप से artemisinin डेरिवेटिव के प्रति), और मामलों का सीमा पार से आयात शामिल है। रणनीति मलेरिया निगरानी को एक मुख्य हस्तक्षेप में बदलने, निदान और उपचार तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करने और उच्च-बोझ वाले जिलों में वेक्टर नियंत्रण को तेज करने पर केंद्रित है।

मुख्य बिंदु

  • National Framework for Malaria Elimination का लक्ष्य 2030 तक शून्य स्वदेशी मामले प्राप्त करना है।
  • भारत ने 2015 से 2023 तक मलेरिया के मामलों में 80% की कमी हासिल की।
  • क्षेत्रीय मामलों में Plasmodium vivax का हिस्सा लगभग दो-तिहाई है और इसके सुप्त यकृत चरण (dormant liver stage) के कारण इसे खत्म करना कठिन है।
  • World Malaria Report 2025 अफ्रीका और दक्षिण पूर्व एशिया में मलेरिया-रोधी दवा प्रतिरोध के बढ़ते खतरे पर प्रकाश डालती है।

परीक्षा तथ्य

  • मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य वर्ष: 2030।
  • मलेरिया उन्मूलन के लिए National Strategic Plan (NSP) (2023-2027)।
  • 2025 के मध्य तक 47 देशों या क्षेत्रों को WHO द्वारा मलेरिया-मुक्त प्रमाणित किया गया है।

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