Pax Silica पहल: वैश्विक सेमीकंडक्टर और AI आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करना

दिसंबर 2025 में शुरू की गई 'Pax Silica' पहल का उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों, सेमीकंडक्टर और AI प्रौद्योगिकियों के लिए चीन पर निर्भरता कम करना है। अमेरिका के नेतृत्व में, यह पहल विश्वसनीय डिजिटल बुनियादी ढांचे के निर्माण और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (Rare Earth Elements - REEs) के लिए आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने का प्रयास करती है। प्रमुख प्रतिभागियों में ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड और सिंगापुर शामिल हैं। भारत के लिए, Pax Silica में शामिल होना वैश्विक हाई-टेक पारिस्थितिकी तंत्र में एकीकृत होने और अपने सेमीकंडक्टर भविष्य को सुरक्षित करने का अवसर प्रदान करता है, हालांकि उसे कड़े लाइसेंसिंग नियमों का सामना करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि अमेरिकी नेतृत्व वाले ढांचे से उसकी रणनीतिक स्वायत्तता से समझौता न हो।

मुख्य बिंदु

  • Pax Silica दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (REEs) की आपूर्ति में चीन के प्रभुत्व और भू-राजनीतिक उपकरण के रूप में निर्यात नियंत्रण के उसके उपयोग की प्रतिक्रिया है।
  • यह पहल सेमीकंडक्टर और AI जैसी अग्रणी प्रौद्योगिकियों के लिए 'विश्वसनीय' विनिर्माण और रसद पर केंद्रित है।
  • अपने डिजिटल बुनियादी ढांचे और STEM प्रतिभा के बड़े पूल के कारण भारत एक मजबूत उम्मीदवार है।
  • भारत के लिए चुनौतियों में अमेरिकी नेतृत्व वाले समूह के उच्च मानकों को पूरा करना और अपनी स्वयं की REE आपूर्ति श्रृंखला का प्रबंधन करना शामिल है।
  • इस पहल का उद्देश्य 'सिलिका' आधारित आपूर्ति श्रृंखला बनाना है जो भू-राजनीतिक झटकों के प्रति लचीली हो।

परीक्षा तथ्य

  • उद्घाटन Pax Silica Summit 12 दिसंबर, 2025 को आयोजित किया गया था।
  • चीन वैश्विक बैटरी सेल उत्पादन के 70% से अधिक और REEs के एक महत्वपूर्ण हिस्से को नियंत्रित करता है।
  • नीदरलैंड की ASML अपनी उन्नत लिथोग्राफी तकनीक के कारण इस पहल में एक प्रमुख खिलाड़ी है।

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