पीएम मोदी ने भगवान बुद्ध से संबंधित पवित्र Piprahwa Relics की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के Rai Pithora Cultural Complex में भगवान बुद्ध के पवित्र Piprahwa relics की एक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कपिलवस्तु में 1898 की खुदाई के दौरान खोजे गए इन अवशेषों को हाल ही में औपनिवेशिक पुरातत्वविद् William Claxton Peppé के पारिवारिक संग्रह से भारत वापस लाया गया था। पीएम ने इस बात पर जोर दिया कि बुद्ध का 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' का दर्शन वैश्विक दृष्टिकोण के लिए भारत का मार्गदर्शक है। सरकार 'Buddhist Circuit' पर भी काम कर रही है और बौद्ध विरासत को संरक्षित करने के लिए पाली (Pali) को शास्त्रीय भाषा के रूप में बढ़ावा दे रही है।
मुख्य बिंदु
- Piprahwa अवशेष 1898 में कपिलवस्तु में खोजे गए थे और इन्हें भारतीय सभ्यता का एक अविभाज्य हिस्सा माना जाता है।
- हांगकांग में नीलामी होने से पहले इन अवशेषों को Peppé परिवार के संग्रह से वापस लाया गया था।
- यह प्रदर्शनी बौद्ध विरासत को संरक्षित करने और 'Buddhist Circuit' को बढ़ावा देने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को उजागर करती है।
- प्रधानमंत्री ने बुद्ध की शिक्षाओं को वैश्विक शांति और संवाद के भारत के मूल दर्शन से जोड़ा।
परीक्षा तथ्य
- अवशेषों की खोज 1898 में पुरातत्वविद् William Claxton Peppé ने की थी।
- प्रदर्शनी नई दिल्ली के Rai Pithora Cultural Complex में आयोजित की गई थी।
- Pali को हाल ही में भारत सरकार द्वारा शास्त्रीय भाषा के रूप में बढ़ावा दिया गया है।
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