शहरी-ग्रामीण भागीदारी और Faecal Sludge Management के माध्यम से स्वच्छता का पुनर्गठन
Swachh Bharat Mission (SBM) ने भारतीय गांवों के लिए Open Defecation Free (ODF) का दर्जा सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया है, लेकिन अगली चुनौती मल अपशिष्ट (faecal waste) के प्रबंधन में है। ODF Plus ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर केंद्रित है। Faecal Sludge Management (FSM) में एक महत्वपूर्ण अंतर मौजूद है, विशेष रूप से अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में। महाराष्ट्र शहरी-ग्रामीण भागीदारी में अग्रणी है, जैसा कि सतारा जिले में देखा गया है, जहाँ ग्रामीण ग्राम पंचायतें शहरी उपचार संयंत्रों (treatment plants) का उपयोग करती हैं। यह मॉडल बुनियादी ढांचे को साझा करके वित्तीय व्यवहार्यता और टिकाऊ स्वच्छता सुनिश्चित करता है, जो ग्रामीण जरूरतों को मौजूदा शहरी सुविधाओं के साथ एकीकृत करके पूरे भारत में स्वच्छता को बदल सकता है।
मुख्य बिंदु
- Swachh Bharat Mission (SBM) शौचालयों के निर्माण से ODF Plus के तहत टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित करने की ओर बढ़ गया है।
- ग्रामीण स्वच्छता में प्राथमिक चुनौती सेप्टिक टैंकों से मल अपशिष्ट की नियमित सफाई (desludging) और सुरक्षित उपचार है।
- महाराष्ट्र का सतारा जिला एक सफल मॉडल प्रदर्शित करता है जहाँ ग्रामीण क्लस्टर शहरी Faecal Sludge Treatment Plants (FSTPs) का उपयोग करते हैं।
- शहरी-ग्रामीण जुड़ाव ग्राम पंचायतों और नगर परिषदों के बीच औपचारिक समझौतों के माध्यम से लागत प्रभावी स्वच्छता सेवाओं की अनुमति देता है।
परीक्षा तथ्य
- 2014 से ग्रामीण भारत में 12 करोड़ से अधिक घरेलू शौचालय बनाए गए।
- अक्टूबर 2025 तक, भारत के लगभग 97% गांवों को ODF Plus घोषित किया गया है।
- सतारा जिले के FSTP की क्षमता 65 kilo litres a day (KLD) है।
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