भारत में एक मजबूत और आत्मनिर्भर Defence Industrial Base बनाने का महत्व

भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखता है, जिसके लिए मजबूत रणनीतिक क्षमताओं और एक आत्मनिर्भर defence industrial base की आवश्यकता है। ऐतिहासिक रूप से, इस क्षेत्र को प्रतिबंधात्मक नीतियों और उच्च आयात निर्भरता का सामना करना पड़ा। निजी क्षेत्र की भागीदारी, FDI उदारीकरण और Ordnance Factory Board के निगमीकरण (corporatization) सहित हालिया सुधारों ने निर्यात में घातीय वृद्धि की है, जो अब 80 से अधिक देशों तक पहुंच गया है। इसे बनाए रखने के लिए, भारत को MSMEs के लिए नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, वित्तीय ढांचे में सुधार करने और DRDO के फोकस को frontier research की ओर स्थानांतरित करने की आवश्यकता है, जबकि निजी क्षेत्र को बड़े पैमाने पर उत्पादन और व्यावसायीकरण (commercialization) संभालने की अनुमति दी जानी चाहिए।

मुख्य बिंदु

  • भारत का रक्षा निर्यात तेजी से बढ़ा है और अब विश्व स्तर पर 80 से अधिक देशों तक पहुंच गया है।
  • Ordnance Factory Board का निगमीकरण और उदार FDI मानदंड क्षेत्र के सुधारों में महत्वपूर्ण रहे हैं।
  • वैश्विक भागीदारों के लिए single-window interface प्रदान करने हेतु एक समर्पित निर्यात सुविधा एजेंसी (export facilitation agency) का प्रस्ताव है।
  • आयात निर्भरता को कम करने और भू-राजनीतिक लाभ बढ़ाने के लिए घरेलू आधार को मजबूत करना महत्वपूर्ण है।

परीक्षा तथ्य

  • वर्ष 2029 तक भारत का रक्षा निर्यात लक्ष्य ₹50,000 crore है।
  • Rajiv Gauba वर्तमान में NITI Aayog के सदस्य हैं।

पढ़ें। याद रखें। याद करें।

स्पेस्ड-रिपीटिशन फ्लैशकार्ड, दैनिक क्विज़ और ऑफ़लाइन एक्सेस पाएं — एंड्रॉइड पर मुफ़्त।

Google Play पर पाएं

के सभी करेंट अफेयर्स 20 दिसंबर 2025