केंद्रीय कैबिनेट ने जाति गणना और डिजिटल डेटा संग्रह के साथ Census 2027 को मंजूरी दी
केंद्रीय कैबिनेट ने Census 2027 के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसकी अनुमानित लागत ₹11,718.24 करोड़ है। यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें मोबाइल एप्लिकेशन और रीयल-टाइम निगरानी के लिए एक समर्पित पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। विशेष रूप से, जनगणना में स्वतंत्र भारत में पहली बार जाति गणना (caste enumeration) शामिल होगी। जबकि National Population Register (NPR) को 2010 और 2015 में अपडेट किया गया था, वर्तमान बयान में इसके अपडेट के लिए अलग बजटीय आवंटन का उल्लेख नहीं है। इस अभ्यास का उद्देश्य 'सबका साथ, सबका विकास' विजन के तहत शासन और सरकारी लाभों के वितरण में सुधार के लिए सटीक जनसांख्यिकीय डेटा प्रदान करना है।
मुख्य बिंदु
- Census 2027 भारत के इतिहास की पहली डिजिटल जनगणना होगी।
- इस अभ्यास में जातियों की गणना शामिल होगी, जो एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव है।
- जनगणना परियोजना के लिए कुल स्वीकृत लागत ₹11,718.24 करोड़ है।
- डेटा Census Management and Monitoring System (CMMS) पोर्टल के माध्यम से एकत्र किया जाएगा।
परीक्षा तथ्य
- Census 2027 की कुल लागत: ₹11,718.24 करोड़
- पिछले NPR अपडेट: 2010 और 2015
- लगाया गया तकनीकी कार्यबल: 18,600
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