चीन की 15वीं Five-Year Plan और भारत-चीन आर्थिक और औद्योगिक सहयोग की संभावनाएं

चीन ने हाल ही में अपनी 15वीं Five-Year Plan (2026-2030) के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले विकास और 'आधुनिक समाजवादी देश' के लक्ष्यों पर जोर दिया गया है। 14वीं योजना के दौरान, चीन की अर्थव्यवस्था औसतन 5.5% की दर से बढ़ी, जो लगभग 20 ट्रिलियन डॉलर की GDP तक पहुँच गई। एक चीनी राजनयिक द्वारा लिखित यह लेख इलेक्ट्रॉनिक्स, नई ऊर्जा और AI जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग की महत्वपूर्ण संभावनाओं का सुझाव देता है। भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद, 2024 में द्विपक्षीय व्यापार 138.46 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया। यह लेख वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (global value chains) में अपनी स्थिति बढ़ाने के लिए दोनों उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का समर्थन करता है।

मुख्य बिंदु

  • चीन की 14वीं Five-Year Plan में अर्थव्यवस्था RMB 140 ट्रिलियन (लगभग 20 ट्रिलियन डॉलर) की GDP तक पहुँच गई।
  • भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2024 में 138.46 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया, जिसमें साल-दर-साल महत्वपूर्ण वृद्धि हुई।
  • आगामी 15वीं Five-Year Plan उच्च गुणवत्ता वाले विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए द्वार खोलने पर केंद्रित है।
  • सहयोग के संभावित क्षेत्रों में IT, सॉफ्टवेयर विकास, बायोफार्मा (biopharma) और नवीकरणीय ऊर्जा बुनियादी ढांचा शामिल हैं।

परीक्षा तथ्य

  • चीन की GDP 20 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच गई।
  • 2024 में भारत-चीन द्विपक्षीय व्यापार: 138.46 बिलियन डॉलर।
  • चीन की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा 60% है।

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