Circular Economy मॉडल पांच वर्षों में डेयरी किसानों की आय में 20% की वृद्धि करेगा
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री Amit Shah ने घोषणा की कि डेयरी क्षेत्र में circular economy मॉडल लागू करने से अगले पांच वर्षों में किसानों की आय में 20% की वृद्धि होगी। गुजरात में Banas Dairy के bio-CNG और उर्वरक संयंत्र के उद्घाटन के अवसर पर बोलते हुए, उन्होंने कचरे से धन (waste-to-wealth) पहल के माध्यम से अतिरिक्त आय उत्पन्न करने पर जोर दिया। इसमें पशुओं के गोबर से बायोगैस और जैविक उर्वरक का उत्पादन और प्राकृतिक रूप से मरने वाले मवेशियों से चमड़ा प्राप्त करना शामिल है। यह पहल 'White Revolution 2.0' के लक्ष्यों के अनुरूप है, जो डेयरियों को टिकाऊ प्रथाओं को अपनाने और अपने उत्पाद श्रृंखला में विविधता लाने के लिए आवश्यक वित्त और तकनीक प्रदान करती है।
मुख्य बिंदु
- circular economy मॉडल का लक्ष्य 2030 तक डेयरी किसानों की आय में 20% की वृद्धि करना है।
- पशुओं के गोबर जैसे अपशिष्ट उत्पादों को bio-CNG और जैविक उर्वरकों में परिवर्तित किया जा रहा है।
- यह पहल प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई 'White Revolution 2.0' का हिस्सा है।
- गुजरात में Banas Dairy ₹24,000 करोड़ के टर्नओवर के साथ एशिया की सबसे बड़ी डेयरी के मॉडल के रूप में कार्य कर रही है।
परीक्षा तथ्य
- लक्ष्य: 5 वर्षों में डेयरी किसानों की आय में 20% की वृद्धि।
- स्थान: Banas Dairy, Vav-Tharad, गुजरात।
- पहल: White Revolution 2.0।
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