संयुक्त युद्ध तैयारी और इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत करने के लिए त्रि-सेवा अभ्यास 'त्रिशूल' शुरू
भारतीय नौसेना की पश्चिमी नौसेना कमान (Western Naval Command) के नेतृत्व में 12 दिवसीय त्रि-सेवा अभ्यास 'त्रिशूल' शुरू हो गया है। इस बड़े पैमाने के अभ्यास में राजस्थान और गुजरात के क्रीक और रेगिस्तानी क्षेत्रों में भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना शामिल हैं, जो उत्तरी अरब सागर तक फैला हुआ है। 20,000 से अधिक सैनिक, T-90 टैंक, राफेल लड़ाकू विमान और नौसेना के फ्रिगेट जैसे उन्नत हथियारों के साथ भाग ले रहे हैं। अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त परिचालन प्रक्रियाओं को मान्य करना, इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाना और सेवाओं के बीच नेटवर्क एकीकरण का परीक्षण करना है। यह संयुक्त खुफिया, निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और स्वदेशी हथियार प्रणालियों के उपयोग पर भी केंद्रित है।
मुख्य बिंदु
- अभ्यास का समन्वय भारतीय नौसेना की Western Naval Command द्वारा किया जा रहा है।
- यह राजस्थान के रेगिस्तान और अरब सागर के समुद्री वातावरण सहित विविध क्षेत्रों में फैला हुआ है।
- इसमें शामिल प्रमुख संपत्तियों में INS Jalashwa, राफेल विमान और अर्जुन टैंक शामिल हैं।
- यह अभ्यास तटरक्षक बल और सीमा सुरक्षा बल के साथ अंतर-एजेंसी समन्वय को रेखांकित करता है।
परीक्षा तथ्य
- अभ्यास का नाम: Trishul
- अवधि: 12 दिन
- सैनिकों की संख्या: 20,000+
- समन्वय कमान: Western Naval Command
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