कर्नाटक ने जल सुरक्षा और विवाद प्रबंधन के लिए स्थायी राज्य जल आयोग स्थापित करने की योजना बनाई
कर्नाटक सरकार जल सुरक्षा और अंतर-राज्यीय जल विवादों के समाधान के लिए एक स्थायी State Water Commission स्थापित करने की योजना बना रही है। उपमुख्यमंत्री D.K. Shivakumar द्वारा घोषित इस आयोग में सिंचाई, वित्त और पर्यावरण विज्ञान जैसे क्षेत्रों के 10 से 15 तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसकी प्राथमिक भूमिका पानी की मांग और उपलब्धता का आकलन करना, जल सुरक्षा के उपायों की सिफारिश करना और सिंचाई प्रणालियों और फसल पैटर्न का अध्ययन करना होगा। एक प्रमुख तत्काल फोकस अगले 50 वर्षों के लिए बेंगलुरु को कावेरी जल के आवंटन का प्रबंधन करना होगा। इसके लिए जल्द ही विधायिका में एक विधेयक (Bill) आने की उम्मीद है।
मुख्य बिंदु
- आयोग विशेषज्ञ तकनीकी इनपुट प्रदान करने के लिए Central Water Commission की तर्ज पर बनाया गया है।
- यह बेंगलुरु को कावेरी जल आवंटन के लिए 50-वर्षीय योजना सहित दीर्घकालिक जल नियोजन पर ध्यान केंद्रित करेगा।
- इस निकाय में पर्यावरण विशेषज्ञों के साथ सिंचाई और वित्त विभागों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
- इसका उद्देश्य पानी के उपयोग के लिए जिम्मेदारी तय करना और जल संबंधी आपदाओं के दौरान आपातकालीन उपायों की सिफारिश करना है।
परीक्षा तथ्य
- विशेषज्ञों की प्रस्तावित संख्या: 10 से 15
- प्रमुख फोकस क्षेत्र: अगले 50 वर्षों के लिए कावेरी जल आवंटन
- प्रस्तावक राज्य: कर्नाटक
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