Tropical Cyclone के निर्माण, वर्गीकरण और मापन तकनीकों के वैज्ञानिक तंत्र

Tropical cyclones शक्तिशाली मौसम प्रणालियाँ हैं जो गर्म उष्णकटिबंधीय जल (26.5°C से ऊपर) पर बनती हैं। उन्हें विशिष्ट परिस्थितियों की आवश्यकता होती है: कम दबाव वाले क्षेत्र, पर्याप्त Coriolis force (आमतौर पर भूमध्य रेखा से 5 डिग्री दूर), और कम ऊर्ध्वाधर पवन कतरनी (vertical wind shear)। चक्रवात की 'eye' एक शांत केंद्र है जो 'eyewall' से घिरा होता है, जहाँ सबसे तीव्र हवाएं चलती हैं। मापन में सैटेलाइट इमेजरी, समुद्री बॉय (ocean buoys) और 'hurricane hunters' विमान शामिल हैं। India Meteorological Department (IMD) इन तूफानों को हवा की गति के आधार पर वर्गीकृत करता है, जो डिप्रेशन से लेकर सुपर साइक्लोनिक तूफान तक होते हैं, और पूर्वानुमान के लिए संख्यात्मक मौसम मॉडल का उपयोग करता है।

मुख्य बिंदु

  • चक्रवात गर्म समुद्र के पानी के वाष्पीकरण से ऊर्जा प्राप्त करते हैं, जो समुद्र के ऊपर चलते समय तीव्र हो जाते हैं।
  • उच्च ऊर्ध्वाधर पवन कतरनी चक्रवात की संरचना को बाधित कर सकती है, जिससे इसे तूफान में मजबूत होने से रोका जा सकता है।
  • पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न Coriolis force, चक्रवात के विशिष्ट सर्पिल बनाने के लिए आवश्यक है।
  • आधुनिक पूर्वानुमान 3-5 दिन पहले ट्रैक की भविष्यवाणी करने के लिए संख्यात्मक मौसम मॉडल और रिमोट सेंसिंग का उपयोग करता है।

परीक्षा तथ्य

  • चक्रवात बनने के लिए समुद्र की सतह का तापमान 26.5°C से ऊपर होना चाहिए।
  • एक 'Super Cyclonic Storm' को 222 किमी/घंटा से अधिक हवा की गति द्वारा परिभाषित किया जाता है।
  • 'eye' तूफान का शांत, कम दबाव वाला केंद्र होता है।

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