खनन और विनिर्माण में गिरावट के कारण भारत की औद्योगिक वृद्धि 4% के तीन महीने के निचले स्तर पर
सितंबर 2025 में भारत के Index of Industrial Production (IIP) की वृद्धि धीमी होकर 4% के तीन महीने के निचले स्तर पर आ गई। यह मंदी मुख्य रूप से खनन क्षेत्र में संकुचन और उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं (consumer non-durables) तथा प्राथमिक वस्तुओं में महत्वपूर्ण गिरावट के कारण हुई। Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI) के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में पिछले पांच वर्षों में सबसे धीमी औद्योगिक गतिविधि देखी गई। हालांकि विनिर्माण क्षेत्र ने 4.8% की वृद्धि के साथ कुछ लचीलापन दिखाया, लेकिन अर्थशास्त्रियों का सुझाव है कि GST दरों में कटौती में देरी ने महीने के दौरान उपभोक्ता मांग और डीलर इन्वेंट्री को प्रभावित किया होगा।
मुख्य बिंदु
- सितंबर 2025 में खनन क्षेत्र में 0.45% का संकुचन हुआ, जो अगस्त में दर्ज 6.6% की वृद्धि से भारी गिरावट है।
- उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं में लगातार दूसरे महीने 2.9% का संकुचन हुआ, जो कमजोर ग्रामीण और शहरी मांग को दर्शाता है।
- 2025-26 की अप्रैल-सितंबर अवधि के लिए कुल IIP वृद्धि 3% रही, जो कम से कम पांच वर्षों में सबसे कम है।
- विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि सितंबर 2025 में पिछले महीने के 3.8% से मामूली रूप से बढ़कर 4.8% हो गई।
परीक्षा तथ्य
- IIP को Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI) द्वारा जारी किया जाता है।
- सितंबर 2025 की IIP वृद्धि 4% रही।
- सितंबर 2025 में खनन क्षेत्र की वृद्धि में 0.45% का संकुचन हुआ।
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