लेह में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को National Security Act के तहत हिरासत में लिया गया

प्रमुख जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk को लेह में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद National Security Act (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया है, जिसमें चार नागरिकों की मौत हो गई थी। वांगचुक केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा (Statehood) और Sixth Schedule के दर्जे की मांग को लेकर जन आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। हिरासत, जो बिना मुकदमे के लंबे समय तक कारावास की अनुमति देती है, कथित तौर पर उनके खिलाफ पिछले मामलों के बजाय हालिया हिंसा के कारण शुरू हुई थी। Leh Apex Body (LAB) और अन्य स्थानीय संगठनों ने गिरफ्तारी की निंदा की है, और दावा किया है कि हिंसा में वांगचुक की कोई भूमिका नहीं थी। स्थिति के कारण क्षेत्र में कर्फ्यू और इंटरनेट निलंबन लागू कर दिया गया है।

मुख्य बिंदु

  • लद्दाख के राज्य के दर्जे के लिए विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद सोनम वांगचुक को National Security Act (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया।
  • यह हिरासत सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए लंबे समय तक निवारक हिरासत (preventive custody) की अनुमति देती है।
  • प्रदर्शनकारी भूमि और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के लिए भारतीय संविधान की Sixth Schedule के तहत लद्दाख को शामिल करने की मांग कर रहे हैं।
  • Leh Apex Body (LAB) केंद्र सरकार के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के लिए दिल्ली में एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की योजना बना रही है।

परीक्षा तथ्य

  • National Security Act (NSA) का उपयोग निवारक हिरासत के लिए किया गया।
  • मांग: लद्दाख के लिए Sixth Schedule का दर्जा और राज्य का दर्जा (Statehood)।
  • घटना: 24 सितंबर को विरोध प्रदर्शन के दौरान चार नागरिक मारे गए।

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