शंघाई सहयोग संगठन (SCO) ढांचे के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना
तियानजिन (Tianjin) में हाल ही में हुए SCO शिखर सम्मेलन ने भारत और चीन के बीच नए सहयोग की क्षमता पर प्रकाश डाला। मुख्य परिणामों में 'चार सुरक्षा केंद्रों' और SCO एंटी-ड्रग सेंटर की स्थापना शामिल थी। भारत में चीन के राजदूत 'शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पांच सिद्धांतों' (Five Principles of Peaceful Coexistence) और वैश्विक शासन पहल (Global Governance Initiative) के महत्व पर जोर देते हैं। ग्लोबल साउथ के प्रमुख सदस्यों के रूप में, दोनों देश विकास और क्षेत्रीय स्थिरता में साझा हित रखते हैं। भारत और चीन द्वारा आने वाले वर्षों में BRICS की अध्यक्षता संभालने के साथ, पिछले विवादों से आगे बढ़कर ऊर्जा, हरित उद्योग और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर केंद्रित एक स्थिर, उच्च गुणवत्ता वाली साझेदारी की ओर बढ़ने का आह्वान किया गया है।
मुख्य बिंदु
- तियानजिन घोषणा (Tianjin Declaration) ने चार सुरक्षा केंद्र स्थापित किए, जिसमें सुरक्षा चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए एक यूनिवर्सल सेंटर (Universal Center) शामिल है।
- सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए भारत और चीन को शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पांच सिद्धांतों (Panchsheel) को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
- SCO क्षेत्रीय विकास के लिए नए मंचों के रूप में ऊर्जा, हरित उद्योग और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
- दोनों देश अगले दो वर्षों में क्रमिक रूप से BRICS की अध्यक्षता संभालेंगे, जो गहरे सहयोग का मौका प्रदान करेगा।
परीक्षा तथ्य
- तियानजिन घोषणा (Tianjin Declaration) (SCO शिखर सम्मेलन)।
- SCO विकास बैंक (Development Bank) की स्थापना।
- भारत 2017 में पूर्ण सदस्य के रूप में SCO में शामिल हुआ।
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