SCO प्रमुखों ने आतंकवाद की निंदा की और शिखर सम्मेलन में Tianjin Declaration को अपनाया

Tianjin में आयोजित 10-सदस्यीय Shanghai Cooperation Organisation (SCO) शिखर सम्मेलन में Tianjin Declaration को अपनाया गया, जिसमें आतंकवाद और सीमा पार गतिविधियों की कड़ी निंदा की गई। भारत, चीन और रूस सहित सदस्य देशों ने एकतरफा दमनकारी उपायों का विरोध करते हुए अलगाववाद और उग्रवाद से लड़ने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। भारत ईरान के खिलाफ हमलों की निंदा करने में शामिल हुआ, लेकिन चीन की Belt and Road Initiative (BRI) के लिए समर्थन नहीं दोहराने वाला एकमात्र सदस्य रहा। PM Modi ने टेरर फाइनेंसिंग के खिलाफ समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और Chabahar Port और International North-South Transport Corridor (INSTC) जैसी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी परियोजनाओं को बढ़ावा दिया।

मुख्य बिंदु

  • Tianjin Declaration पर सभी 10 सदस्यों द्वारा हस्ताक्षर किए गए, जिसमें आतंकवादियों की सीमा पार गतिविधियों को समाप्त करने का आह्वान किया गया।
  • सदस्य देशों ने गाजा में मानवीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और फिलिस्तीनी मुद्दे के न्यायपूर्ण समाधान का आह्वान किया।
  • भारत ने Chabahar Port और International North-South Transport Corridor (INSTC) के माध्यम से कनेक्टिविटी में अपनी भूमिका पर प्रकाश डाला।
  • SCO ने संवाद भागीदार (dialogue partner) और पर्यवेक्षक (observer) दर्जे को एक एकल 'partner' दर्जे में विलय करने का निर्णय लिया, जिसमें लाओस पहला स्वीकृत देश है।
  • शिखर सम्मेलन ने अधिक न्यायसंगत वैश्विक शासन प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए Global Governance Initiative (GGI) का प्रस्ताव रखा।

परीक्षा तथ्य

  • Tianjin Declaration 2025
  • ईरान के संबंध में UN Security Council resolution 2231
  • SCO में अब 10 सदस्य और 17 भागीदार शामिल हैं
  • International North-South Transport Corridor (INSTC)

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