भारत जटिल भू-राजनीति में संतुलन साध रहा है, घटते विश्वास और बाहरी दबावों के बीच अपनी उपस्थिति पर जोर दे रहा है
भारत एक चुनौतीपूर्ण भू-राजनीतिक परिदृश्य का सामना कर रहा है, जिसके लिए उसे "भू-राजनीति के टूटे हुए खाके" के बीच अपनी वैश्विक उपस्थिति पर जोर देने की आवश्यकता है। लेख में अमेरिका के साथ घटते विश्वास पर प्रकाश डाला गया है, जो पहलगाम हमले पर उसके रुख, नए टैरिफ और एकतरफा व्यापार सौदों से स्पष्ट है। यह बांग्लादेश और म्यांमार में भारतीय हितों के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाइयों की ओर भी इशारा करता है। साथ ही, यूरोपीय संघ रूसी तेल आयात पर प्रतिबंधों के साथ भारत की ऊर्जा सुरक्षा को निशाना बना रहा है। भारत के पड़ोस में चीन का बढ़ता मुखरता, जिसमें नए समूह, बुनियादी ढांचा परियोजनाएं और सीमा मुद्दे शामिल हैं, मामलों को और जटिल बनाते हैं। भारत बहु-संरेखण का "कठिन कार्य" कर रहा है, चीन के साथ संबंधों को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, जबकि BRICS, SCO और पूर्वी एशिया के साथ जुड़ रहा है, और अपनी रणनीतिक स्वायत्तता और आर्थिक प्रक्षेपवक्र की रक्षा के लिए वैश्विक संघर्षों पर अपने रुख का पुनर्मूल्यांकन कर रहा है।
मुख्य बिंदु
- भारत एक जटिल और बदलती वैश्विक भू-राजनीतिक व्यवस्था में संतुलन साध रहा है, जिसके लिए अपनी उपस्थिति और हितों के मजबूत दावे की आवश्यकता है।
- अमेरिका के साथ विश्वास उसकी विदेश नीति में कथित विसंगतियों, व्यापार संरक्षणवाद और भारत की क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाली कार्रवाइयों के कारण घट रहा है।
- अमेरिका और यूरोपीय संघ दोनों भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार संबंधों पर दबाव डाल रहे हैं, विशेष रूप से रूसी तेल आयात के संबंध में।
- भारत के तत्काल पड़ोस में चीन का बढ़ता प्रभाव और रणनीतिक चालें भारत की क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियां पेश करती हैं।
- भारत एक बहु-संरेखण रणनीति अपना रहा है, प्रमुख शक्तियों और क्षेत्रीय गुटों के साथ संबंधों को संतुलित कर रहा है, जबकि अपनी रणनीतिक स्वायत्तता और आर्थिक सुरक्षा पर जोर दे रहा है।
परीक्षा तथ्य
- Operation Sindoor: Pahalgam attack (22 अप्रैल, 2025) का संदर्भ।
- अमेरिकी पदनाम: The Resistance Front (TRF) को Foreign Terrorist Organization (FTO) और Specially Designated Global Terrorist (SDGT) के रूप में।
- चीन की गतिविधियां: प्रस्तावित त्रिपक्षीय पहल (चीन-पाकिस्तान-बांग्लादेश), सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास हवाई अड्डा, यारलुंग ज़ंगबो (ब्रह्मपुत्र) पर बांध।
- अंतर्राष्ट्रीय मंच: BRICS, Shanghai Cooperation Organisation (SCO), Quad summit।
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