ऑपरेशन महादेव: 2024 के मुठभेड़ स्थल से मिली तस्वीरों ने कश्मीर में LeT आतंकवादियों की पहचान करने में मदद की

ऑपरेशन महादेव के दौरान 28 जुलाई को मारे गए तीन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकवादी, सुलेमान, हमजा अफगानी और ज़ीब्रान, को 2024 में दक्षिण कश्मीर में एक मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों द्वारा जब्त किए गए एक मोबाइल फोन से बरामद तस्वीरों का उपयोग करके पहचाना और ट्रैक किया गया। इन तस्वीरों का 22 अप्रैल को Baisaran meadow attack पर हुए हमले के प्रत्यक्षदर्शी खातों से मिलान किया गया। आतंकवादियों को Dachigam forest में एक लंबी दूरी के वायरलेस संचार मॉड्यूल से संकेतों का उपयोग करके पता लगाया गया था, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह ने स्वदेशी तकनीक के उपयोग की पुष्टि की थी। इस समूह पर 2021 से जम्मू और कश्मीर में लगभग 135 सुरक्षा कर्मियों की मौत के लिए जिम्मेदार होने का संदेह है।

मुख्य बिंदु

  • दक्षिण कश्मीर में 2024 के मुठभेड़ स्थल से एक मोबाइल फोन पर मिली तस्वीरों के माध्यम से तीन LeT आतंकवादियों की पहचान की गई और उन्हें ट्रैक किया गया।
  • 28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकवादियों का संबंध 22 अप्रैल को हुए Baisaran meadow attack से था।
  • Dachigam forest में उनके लंबी दूरी के वायरलेस संचार संकेतों को ट्रैक करने के लिए स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया गया।
  • पहचाने गए आतंकवादियों को 2021 से जम्मू और कश्मीर में लगभग 135 सुरक्षा कर्मियों की मौत के लिए जिम्मेदार समूह का हिस्सा माना जाता है।
  • इस ऑपरेशन के बाद सुरक्षा बल अब अन्य विदेशी आतंकवादियों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।

परीक्षा तथ्य

  • ऑपरेशन का नाम: ऑपरेशन महादेव।
  • आतंकवादी समूह: लश्कर-ए-तैयबा (LeT)।
  • ट्रैकिंग का स्थान: Dachigam forest, श्रीनगर से 20 किमी दूर।
  • ऑपरेशन महादेव की तारीख: 28 जुलाई।

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