DRDO ने Pralay मिसाइल के लगातार सफल परीक्षण उड़ानें आयोजित कीं

Defence Research and Development Organisation (DRDO) ने ओडिशा के तट पर स्थित Dr. A.P.J. Abdul Kalam द्वीप से Pralay मिसाइल की लगातार परीक्षण उड़ानें सफलतापूर्वक आयोजित कीं। इन परीक्षणों ने मिसाइल की अधिकतम और न्यूनतम सीमा क्षमताओं को सटीक सटीकता के साथ मान्य किया। Pralay स्वदेशी रूप से विकसित एक ठोस-ईंधन वाली quasi-ballistic मिसाइल है, जो उन्नत मार्गदर्शन और कई वारहेड क्षमताओं से लैस है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल परीक्षण उड़ानों की सराहना की, जिसमें भारत की रक्षा क्षमताओं के लिए मिसाइल के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डाला गया।

मुख्य बिंदु

  • DRDO ने Pralay मिसाइल की लगातार सफल परीक्षण उड़ानें आयोजित कीं।
  • परीक्षण ओडिशा के तट पर स्थित Dr. A.P.J. Abdul Kalam द्वीप से किए गए।
  • परीक्षण उड़ानों ने मिसाइल की अधिकतम और न्यूनतम सीमा क्षमताओं को सटीक सटीकता के साथ मान्य किया।
  • Pralay स्वदेशी रूप से विकसित एक ठोस-ईंधन वाली quasi-ballistic मिसाइल है।
  • मिसाइल में उन्नत मार्गदर्शन और कई वारहेड क्षमताएं हैं।

परीक्षा तथ्य

  • Pralay एक quasi-ballistic मिसाइल है।
  • यह एक ठोस-ईंधन वाली मिसाइल है।
  • परीक्षण DRDO द्वारा आयोजित किए गए थे।
  • परीक्षण उड़ानें ओडिशा के तट पर स्थित Dr. A.P.J. Abdul Kalam द्वीप से थीं।

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