भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ISS से लौटे; शोधकर्ता अंतरिक्ष में भेजे गए बीजों का अध्ययन करेंगे
भारतीय अंतरिक्ष यात्री Group Captain Shubhanshu Shukla और उनके Axiom Mission 4 (Ax-4) दल 18 दिनों के बाद International Space Station (ISS) से रवाना हुए, जिसमें सात माइक्रोग्रैविटी प्रयोग पूरे किए गए। Dragon अंतरिक्ष यान के कैलिफोर्निया तट से दूर पानी में उतरने की उम्मीद है। इस बीच, Indian Institute of Space Science and Technology (IIST) "Crop Seeds on ISS" परियोजना के तहत ISS में भेजे गए फसल बीजों (Jyothi और Uma चावल, Horse gram, टमाटर, तिल, बैंगन) पर उड़ान के बाद के क्षेत्र अध्ययनों की तैयारी कर रहा है। इन बीजों को विकास और उपज पर माइक्रोग्रैविटी के अद्वितीय प्रभावों का आकलन करने के लिए उगाया जाएगा, जिसमें तुलनात्मक अध्ययन की योजना है।
मुख्य बिंदु
- भारतीय अंतरिक्ष यात्री Group Captain Shubhanshu Shukla और Ax-4 दल International Space Station (ISS) पर 18 दिनों के बाद पृथ्वी पर लौट आए।
- शुक्ला ने अपने मिशन के दौरान सात माइक्रोग्रैविटी प्रयोग पूरे किए।
- Dragon अंतरिक्ष यान कैलिफोर्निया के तट से दूर प्रशांत महासागर में उतरने वाला है।
- Indian Institute of Space Science and Technology (IIST) ISS में भेजे गए फसल बीजों पर उड़ान के बाद के अध्ययन करेगा।
- "Crop Seeds on ISS" परियोजना का उद्देश्य Jyothi चावल, Kanakamani Horse gram और Vellayani Vijay टमाटर जैसी किस्मों के विकास और उपज पर माइक्रोग्रैविटी प्रभावों का आकलन करना है।
परीक्षा तथ्य
- भारतीय अंतरिक्ष यात्री: Group Captain Shubhanshu Shukla।
- मिशन: Axiom Mission 4 (Ax-4)।
- अंतरिक्ष यान: SpaceX Dragon।
- परियोजना: "Crop Seeds on ISS।"
- शामिल संस्थान: Indian Institute of Space Science and Technology (IIST), Kerala Agricultural University (KAU), ISRO, European Space Agency।
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