NITI Aayog ने State S&T Councils के लिए 'core' अनुदान सहायता कम करने, परियोजना-आधारित फंडिंग में बदलाव की सिफारिश की
NITI Aayog ने सिफारिश की है कि Department of Science and Technology (DST) State Science and Technology (S&T) Councils के लिए अपनी 'core grant support' को कम करे, 'project-based support' की ओर बदलाव की वकालत करते हुए। यह सिफारिश 'Roadmap for strengthening State Science and Technology Councils' नामक एक रिपोर्ट का हिस्सा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जबकि State S&T Councils वैज्ञानिक अनुसंधान और लोकव्यापीकरण के लिए महत्वपूर्ण हैं, भारत के समग्र वैज्ञानिक उत्पादन में उनका योगदान Centrally funded institutions की तुलना में कम महत्वपूर्ण रहा है। 2023-25 में State S&T Councils के लिए कुल फंडिंग में 17.65% की वृद्धि के बावजूद, S&T विकास में क्षेत्रीय असंतुलन एक चिंता का विषय बना हुआ है, जिसमें केंद्रीय फंडिंग अक्सर राज्य के बजट के लिए एक नगण्य स्रोत होती है।
मुख्य बिंदु
- NITI Aayog ने State S&T Councils के लिए 'core grant support' को कम करने का प्रस्ताव दिया है, जो परियोजना-आधारित फंडिंग का समर्थन करता है।
- रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि State S&T Councils ने केंद्रीय संस्थानों जितना राष्ट्रीय वैज्ञानिक उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान नहीं दिया है।
- कुल फंडिंग में वृद्धि के बावजूद, S&T विकास में क्षेत्रीय असमानताएं बनी हुई हैं।
- सिफारिश का उद्देश्य फंडिंग को अधिक परिणाम-उन्मुख और कुशल बनाना है।
परीक्षा तथ्य
- NITI Aayog रिपोर्ट: 'Roadmap for strengthening State Science and Technology Councils।'
- Department of Science and Technology (DST) State S&T Councils को अनुदान प्रदान करता है।
- उदाहरण: गुजरात की State S&T Council को ₹300 करोड़ के बजट में से केंद्र से केवल ₹1.07 करोड़ मिले।
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