केंद्र ने S-400 मिसाइल प्रणाली के रखरखाव के लिए भारतीय फर्म की पहचान की, 'Make In India' रक्षा को बढ़ावा
रक्षा मंत्रालय ने भारत में S-400 air defence system के लिए एक maintenance, repair, and overhaul (MRO) सुविधा स्थापित करने के लिए एक भारतीय फर्म की पहचान की है। S-400 के निर्माता, रूस के Almaz-Antey, इस भारतीय फर्म के साथ सहयोग करेंगे। इस 'ऐतिहासिक कदम' का उद्देश्य महत्वपूर्ण रक्षा प्रणालियों के लिए विदेशी संस्थाओं पर भारत की निर्भरता को कम करना है, जो 'Make In India' पहल के अनुरूप है और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और आपूर्ति श्रृंखला disruptions द्वारा उत्पन्न चुनौतियों को दूर करता है। भारत वर्तमान में 'Sudarshan Chakra' नामक तीन S-400 प्रणालियों का संचालन करता है, जो पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइलों के खिलाफ Operation Sindoor में महत्वपूर्ण साबित हुई थीं। शेष दो S-400s 2026 और 2027 में वितरित होने की उम्मीद है।
मुख्य बिंदु
- रूसी निर्माता Almaz-Antey के सहयोग से S-400 air defence system के लिए एक MRO सुविधा स्थापित करने के लिए एक भारतीय फर्म का चयन किया गया है।
- यह पहल रक्षा में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और 'Make In India' कार्यक्रम के अनुरूप है।
- यह कदम महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और आपूर्ति श्रृंखला disruptions से जुड़े जोखिमों को कम करेगा।
- 'Sudarshan Chakra' नामक S-400 प्रणालियों ने भारत के रक्षा अभियानों में पहले ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
परीक्षा तथ्य
- S-400 air defence system निर्माता: रूस का Almaz-Antey।
- भारत में S-400 प्रणालियों को आधिकारिक तौर पर 'Sudarshan Chakra' नाम दिया गया है।
- भारत के पास तीन S-400 प्रणालियां हैं, 2027 तक दो और अपेक्षित हैं।
- यह पहल 'Make In India' कार्यक्रम का समर्थन करती है।
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