वेब पोर्टल और ऐप्स 2027 की जनगणना का डेटा जल्द उपलब्ध कराएंगे: RGI

भारत के रजिस्ट्रार-जनरल (RGI) ने घोषणा की कि 2027 की जनगणना देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसे दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। इसमें डेटा मोबाइल ऐप्स और स्व-गणना के लिए एक समर्पित वेब पोर्टल के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से एकत्र किया जाएगा। इस डिजिटल दृष्टिकोण से जनगणना डेटा की शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित होने की उम्मीद है, जो पिछली जनगणनाओं में 2-3 साल लगते थे। जनगणना में एक केंद्रित प्रचार अभियान और गणनाकारों के लिए त्रि-स्तरीय प्रशिक्षण संरचना शामिल होगी। प्रशासनिक सीमाएं 1 जनवरी, 2026 से 31 मार्च, 2027 तक फ्रीज रहेंगी। 2027 की जनगणना में घर के सदस्यों की जाति की भी गणना की जाएगी और इसका उपयोग 2026 के बाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों को फिर से निर्धारित करने के आधार के रूप में किया जा सकता है।

मुख्य बिंदु

  • 2027 की जनगणना भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें डेटा संग्रह और स्व-गणना के लिए मोबाइल ऐप्स और एक समर्पित वेब पोर्टल का उपयोग किया जाएगा।
  • डिजिटल कार्यप्रणाली का उद्देश्य जनगणना डेटा की शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जिससे पिछली जनगणनाओं में हुई देरी को दूर किया जा सके।
  • जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी: Houselisting and Housing Census (अप्रैल 2026) और Population Enumeration (फरवरी 2027)।
  • आगामी जनगणना में घर के सदस्यों की जाति की गणना की जाएगी।
  • जनगणना के लिए प्रशासनिक सीमाएं 1 जनवरी, 2026 से 31 मार्च, 2027 तक फ्रीज रहेंगी।

परीक्षा तथ्य

  • 2027 की जनगणना भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी।
  • Houselisting and Housing Census (HLO) चरण अप्रैल 2026 से शुरू होगा।
  • Population Enumeration (PE) चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा।
  • प्रशासनिक सीमाएं 1 जनवरी, 2026 से 31 मार्च, 2027 तक फ्रीज रहेंगी।

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