ECI के मतदाता सूची संशोधन को प्रवासी मतदाताओं के बहिष्कार से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision - SIR) को मतदाताओं, विशेष रूप से प्रवासी मतदाताओं के गलत बहिष्कार की चिंताओं के कारण आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। आलोचकों का तर्क है कि सत्यापन की कम अवधि प्रवासी आबादी के लिए शामिल होना मुश्किल बनाती है। Representation of the People Act, 1950, कहता है कि "एक व्यक्ति जो सामान्य रूप से निवासी है, अनुपस्थिति के कारण उसके बाद सामान्य रूप से निवासी नहीं रहेगा," जिसका अर्थ है कि दीर्घकालिक प्रवासियों को सामान्य निवासी के रूप में माना जाना चाहिए। यह मुद्दा बिहार जैसे राज्यों में मतदान-योग्य आबादी की महत्वपूर्ण संख्या और चुनावी गतिशीलता से और जटिल हो जाता है, जिससे मताधिकार से वंचित होने से रोकने के लिए सावधानीपूर्वक क्यूरेशन आवश्यक हो जाता है।

मुख्य बिंदु

  • ECI के मतदाता सूचियों का Special Intensive Revision प्रवासी मतदाताओं के संभावित बहिष्कार के लिए जांच के दायरे में है।
  • Representation of the People Act, 1950, "ordinarily resident" स्थिति को परिभाषित करता है, जिसे दीर्घकालिक प्रवासियों पर लागू होना चाहिए।
  • चुनावी सूची क्यूरेशन की प्रक्रिया जटिल है, खासकर महत्वपूर्ण प्रवासी आबादी और गतिशील मतदाता आधार वाले क्षेत्रों में।
  • एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए और मताधिकार से वंचित होने से रोकने के लिए सटीक और समावेशी मतदाता सूचियों को सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।

परीक्षा तथ्य

  • ECI मतदाता सूचियों का Special Intensive Revision (SIR) कर रहा है।
  • Representation of the People Act, 1950, "ordinarily resident" की परिभाषा को नियंत्रित करता है।
  • बिहार ने 2024 के आम चुनाव में महत्वपूर्ण चुनावी गतिशीलता दिखाई।

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